कविता कोश के लिए निविदाएँ और वर्तमान स्थिति

लालित्य इंटरनेशनल का प्रतीक चिह्न

कविता कोश की वार्षिक मेंटेनेंस के लिए जो निविदाएँ आमंत्रित की गईं थीं –मुझे उसकी कोई बहुत अधिक अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकांश कंपनियों ने यह प्रोजेक्ट लेने से मना कर दिया क्योंकि उनके पास इस तरह के भाषा/काव्य पर आधारित प्रोजेक्ट को संभालने के लिए संसाधन नहीं हैं। मज़े की बात यह है कि इन कंपनियों में इंफ़ोसिस जैसी बड़ी कंपनी भी शामिल है! कंपनियों का कहना है कि हम प्रोद्योगिकी वाला हिस्सा तो देख सकते हैं लेकिन यदि वेबसाइट संभालने के लिए हिन्दी भाषा और काव्य की समझ भी आवश्यक है तो हम यह काम नहीं कर सकते। यह एक नई जानकारी मुझे इस प्रक्रिया से हांसिल हुई कि तकनीकी विशेषज्ञता और भाषा/काव्य की योग्यताओं का मेल बाज़ार में बहुत मुश्किल से मिलता है। तकनीकी विशेषज्ञता अंग्रेज़ी में हांसिल की जाती है –सो हिन्दी के मामले में हमारे अधिकांश सूचना-प्रोद्योगिकी विशेषज्ञ बहुत पीछे रह जाते हैं। वे अच्छा पैसा कमाने के लिए बैंकिग, फ़ाइनेंस, इंश्योरेंस और रिटेल इत्यादि क्षेत्रों में अपनी तकनीकी जानकारी का प्रयोग करते हैं। लेकिन भाषा?… भाषा और वो भी हिन्दी? … इसमें ना तो काम है और ना ही पैसा है… इसलिए सूचना प्रौद्योगिकी+हिन्दी भाषा+काव्य की सामूहिक जानकारी रखने वाले लोग बहुत कम देखने को मिलते हैं।

 

मैं शायद ग़लती से सूचना प्रौद्योगिकी+हिन्दी भाषा+काव्य के श्रेत्र में आ गया… वरना मेरी विशेषज्ञता का श्रेत्र सूचना प्रौद्योगिकी+आनुवांशिक विज्ञान रहा है (जानकारी के इस श्रेत्र में काम करने वाले लोग भी बहुत कम मिलते हैं –इसलिए जो मिलते हैं उन्हें पैसा भी बहुत अच्छा मिलता है… मुझे भी मिलता था!)

बहरहाल, जिन कंपनियों से मेरी बात हुई उसके परिणाम कुछ यूं निकले।

कम्पनी 1
इंफ़ोसिस… मौखिक बातचीत के दौरान संसाधनों की अनुपलब्धता के आधार पर प्रोजेक्ट लेने से इंकार (यहाँ मैं कम्पनी का नाम केवल इसलिए ज़ाहिर कर रहा हूँ क्योंकि इंफ़ोसिस भारत की एक अग्रणी सॉफ़्टवेयर कम्पनी है और उनकी तरफ़ से कोई लिखित निविदा हांसिल नहीं हुई। अन्य कम्पनियों के नाम मैं ज़ाहिर नहीं करूंगा क्योंकि यह सूचना गोपनीय है।)

कम्पनी 2
7 लाख रुपए (तिमाही भुगतान); 26 लाख रुपए (वार्षिक भुगतान)

कम्पनी 3
आरम्भिक बातचीत के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं। संसाधनों की कमी प्रमुख समस्या

कम्पनी 4
आरम्भिक बातचीत के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं। संसाधनों की कमी प्रमुख समस्या

कम्पनी 5
20.5 लाख रुपए वार्षिक

कम्पनी 6
मौखिक रूप से 12 लाख वार्षिक का प्रस्ताव। लिखित सूचना अभी तक नहीं दी गई है।

कम्पनी 7
2 लाख रुपए वार्षिक

इनके अलावा भी मेरी 3-4 कम्पनियों से मौखिक बातचीत हुई लेकिन उन्होंने भी संसाधनो के अभाव में प्रोजेक्ट लेने और लिखित प्रस्ताव देने से इंकार कर दिया।

इन तमाम कम्पनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुझे महसूस हुआ कि इनमें से एक भी कम्पनी कविता कोश को संभाल सकने की स्थिति में नहीं है। अधिकांश “कम्पनियाँ” जिनके पास भाषा संबंधी थोड़े-बहुत संसाधन हैं भी वे हिन्दी ब्लॉग को ही वेबसाइट समझ कर बैठे हैं। इन कम्पनियों के पास इतनी योग्यता नहीं है कि वे कविता कोश जैसे विशाल प्रोजेक्ट को संभाल सकें और उसे आगे बढ़ा सकें।

सो, फ़िलवक़्त, यह स्थिति है। निविदा भेजने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। अब कोई निविदा स्वीकार नहीं की जाएगी।

लालित्य इंटरनेशनल के पास इस समय कुल जमा 62 हज़ार रुपए की धनराशी है। दो सज्जनों ने 11 हज़ार रुपए और 50 हज़ार रुपए का योगदान दिया है। अपने एक हज़ार रुपए से मैंने ट्रस्ट फ़ंड आरम्भ किया था। कविता कोश का वार्षिक बजट कम-से-कम 15 लाख रुपए होगा –ऐसे में 62 हज़ार रुपयों से फ़िलहाल कुछ नहीं किया जा सकता।

Posted in लालित्य इंटरनेशनल | Leave a comment

कविता कोश वेबसाइट के लिए Quotations

लालित्य इंटरनेशनल कविता कोश वेबसाइट की डेवेलपमेंट और मेंटेनेंस के लिए संविदाएँ (quotations) आमंत्रित करती है। वेब डेवलपमेंट से जुड़ी सभी बेहतरीन कम्पनियाँ इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती हैं। यदि आप किसी वेब डेवलपमेंट कम्पनी से जुड़े हैं तो आप quotation भेज सकते हैं।

कविता कोश (www.kavitakosh.org) को अब “हिन्दी काव्य का गूगल” कहा जाने लगा है। हिन्दी यूनिकोड में बनी 52,000 पन्नों की इस लोकप्रिय वेबसाइट में पन्नों की संख्या को अगले दो साल में 200,000 तक पहुँचाने लक्ष्य रखा गया है। हर महीने 125,000 से भी अधिक लोग कविता कोश पर आते हैं और करीब 20,00,000 पन्नें पढ़ते हैं। लालित्य इंटरनेशनल नामक संस्था कविता कोश परियोजना को आर्थिक समर्थन देती है।

चुनी गई कम्पनी को जो कार्य करने होंगे उनके बारे में अधिक जानकारी नीचे अंग्रेज़ी में दी जा रही है।

अपनी  quotations को आप kavitakosh@gmail.com पर भेजें।

Quotations भेजने की अंतिम तिथि: 24 फ़रवरी 2012

Lalitya International Center for Arts and Culture (LICAC) is looking for a company to manage and further develop www.kavitakosh.org website. This is a very unique project and therefore needs an unconventional team of workers to maintenance and development.

Kavita Kosh is a content based website –the team must contain not only good technical people but also people with excellent (almost author like) command on written Hindi language. At least one person with interest and good knowledge of Indian poetry should also be part of the team.

We are looking for innovative, out-of-the-box thinkers and proactive people for this project. If anything, these traits are the most important ones if we want to achieve our goals with regard to Kavita Kosh.

The project

  • URL: www.kavitakosh.org (The website has been facing server issues due to massive traffic –so it may not be available at times)
  • The website is known as “Google of Indian poetry” and is headed to be the “Google of World Poetry” in next 5-10 years. This is just to convey the size, importance and seriousness of the project.
  • Website currently has more than 50,000 HTML pages
  • Expected to reach over 200,000 HTML pages in next 2 years
  • Monthly traffic: More than 2 million page views ; 125,000 unique visitors
  • Traffic may cross 5 million page views mark within a year.
  • Uses Hindi Unicode font (may begin to use other scripts (e.g. Arabic) soon)
  • Basic platform: LAMP + MediaWiki

The company is expected to perform the following task on a daily basis. This list contains the minimum that is expected to be done –more things could be anytime added on ad-hoc basis.

  • Server management (at present we host the website on a shared server; may move on to a VPS or even a dedicated server)
  • Type in Hindi, and other languages written in Devanagari script, with correct spellings (using Unicode font). Excellent writing skill in Hindi is  a MUST.
  • Monitor content addition in Kavita Kosh (we would not mind having a person with good poetic sense in the maintenance team)
  • Continuous and appropriate graphic designing as the need may be
  • MediaWiki management (the company/person must be a MediaWiki genius)
  • Implementation of MediaWiki upgrades and security patches
  • Implementation and tweaking of MW extensions
  • Continuous development of integrated programs to provide more and more facilities to the readers Kavita Kosh
  • Fight hackers: Kavita Kosh attracts hack attempts as well
  • Fight Spammers
  • Search Engine Optimization

Please send your quotation for annual maintenance (which will include the above-mentioned  work)

LAST DATE FOR SENDING YOUR QUOTATIONS: 24 February 2012

Posted in Uncategorized | Leave a comment

लालित्य इंटरनेशनल द्वारा कविता कोश को आर्थिक समर्थन

लालित्य इंटरनेशनल का प्रतीक चिह्न

05 जुलाई 2006 हिन्दी काव्य के इतिहास में एक बहुत महत्तवपूर्ण दिन था। इसी दिन “कविता कोश” नामक देश-देशांतर में बेहद लोकप्रिय काव्य परियोजना की स्थापना हुई थी। आज कविता कोश को किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है और इसका श्रेय बहुत से स्वयंसेवकों को जाता है जिन्होंने असंभव से लगते इस कार्य को संभव कर दिखाया।

05 जुलाई 2006 की तरह ही आज का दिन भी भविष्य में महत्तवपूर्ण साबित होगा। आज का दिन केवल हिन्दी काव्य ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के सम्पूर्ण साहित्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

आज मैं अपनी “लालित्य इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर आर्ट्स एंड कल्चर” (सुविधा के लिए आम बोलचाल में पूरे नाम की जगह इसे केवल “लालित्य इंटरनेशनल” कहा जाता है) नामक संस्था के सक्रिय होने की औपचारिक घोषणा बहुत ख़ुशी के साथ कर रहा हूँ। यह संस्था कविता कोश को तेज़ी से और व्यवस्थित ढंग से विकसित करेगी।

लालित्य इंटरनेशनल अब से कविता कोश को नई ऊँचाईंयो तक ले जाने का कार्य अपने हाथ में ले रही है। इस संस्था की स्थापना 16 नवम्बर 2011 को की गई थी। सक्रिय होने के लिए आवश्यक सभी कार्यों को पूरा कर लेने के बाद आज से हम अपने उद्देश्यों की ओर बढ़ना शुरु कर रहे हैं।

लालित्य इंटरनेशनल का सबसे पहला कार्य कविता कोश को आर्थिक-रूप से सक्षम व स्वतंत्र बनाना होगा। कविता कोश को फ़िलहाल लालित्य इंटरनेशनल के अंतर्गत नहीं लिया जा रहा है –इसके बजाए लालित्य इंटरनेशनल के ज़रिए कविता कोश को केवल आर्थिक समर्थन दिया जाएगा। आवश्यक लगने पर लालित्य इंटरनेशनल कविता कोश का एक परियोजना के रूप में अधिग्रहण कर लेगी।

आर्थिक समर्थन के इस कार्य के लिए धनराशी सारी दुनिया में फैले कविता कोश के प्रशंसकों द्वारा प्रदान की जाएगी, ऐसी मुझे आशा है। एकत्रित धनराशी का प्रयोग जिन कार्यों के लिए होगा, वे हैं:

  • कविता कोश के लिए काव्य सामग्री की टाइपिंग
  • कविता कोश के लिए ज़रूरी काव्य पुस्तकों की खरीद
  • काव्य सामग्री की प्रूफ़ रीडिंग
  • कविता कोश को और बेहतर बनाने के लिए साहित्यकारों / भाषाविदों की सेवाएँ
  • कोश के विकास में योगदान देने वाले व्यक्तियों का वेतन
  • कोश की तकनीकी मशीनरी का खर्च (सर्वर, सॉफ़्टवेयर इत्यादि)
  • कविता कोश की वेबसाइट की मेंटेनेंस और डेवेलपमेंट
  • ज़रूरी कर्मचारियों को नौकरी और वेतन देने के लिए
  • कविता कोश के संबंध में होने वाले अन्य सभी खर्च
  • लालित्य इंटरनेशनल के अस्तित्व के लिए आवश्यक खर्च

यदि आप कविता कोश को आर्थिक सहायता देना चाहते हैं –तो अब आप ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए कविता कोश और लालित्य इंटरनेशनल आपके आभारी होंगे।

लालित्य इंटरनेशनल के बारे में अधिक जानकारी आपको संस्था की वेबसाइट www.lalitya.in से मिल जाएगी।

आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया जानने के लिए यह पन्ना देखें: www.lalitya.in/donate

अब यह संस्था आपसे आर्थिक सहयोग स्वीकार करने के लिए तैयार हो चुकी है। पिछले पाँच वर्षों में सैंकड़ो व्यक्तियों और संस्थाओं ने कविता कोश के लिए आर्थिक सहायता देने की पेशकश की है। लेकिन मैंने कभी भी एक भी पैसा किसी से नहीं लिया –क्योंकि एक व्यक्ति होने के कारण मेरा ऑडिट संभव नहीं है। मैं नहीं चाहता था कि लोग मुझे कविता कोश के लिए धनराशी दें और फिर ऑडिट ना होने के कारण मेरी नीयत पर शक करें।

लालित्य इंटरनेशनल का हर वर्ष बाकयदा ऑडिट होगा और इसकी कॉपी सार्वजनिक भी की जाएगी। कविता कोश से संबंधित कार्य करने वाले सभी व्यक्तियों को बाज़ार-मूल्य के आधार पर उनकी मेहनत के लिए वेतन दिया जाएगा। इसमें मेरा वेतन भी शामिल होगा। पहले मैंने सोचा था कि मैं सभी लोगों के वेतन का निर्धारण किसी गैर-सरकारी संस्था द्वारा चलाए जा रहे कविता कोश जैसे ही एक प्रोजेक्ट के आधार पर करूंगा। लेकिन कविता कोश वाकई अपने आप में अद्वितीय निकला और मुझे इस तरह का कोई दूसरा विशाल प्रोजेक्ट नहीं मिला। सो, अब बाज़ार-मूल्य पर वेतन का निर्धारण किया जाएगा।

लालित्य इंटरनेशनल एक पारदर्शी संस्था रहेगी। इसमें कुछ भी नहीं छुपाया जाएगा। कुछ लोग शायद ऐसा सोचें कि मैं कविता कोश का प्रयोग व्यवसाय के लिए कर रहा हूँ। जो लोग ऐसा सोचना चाहते हैं –वे ऐसा सोचने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन जो लोग पूर्वाग्रहों को त्याग कर आगे बढ़ना चाहते हैं –उनका स्वागत है। यदि मैं कविता कोश को “व्यवसाय” बनाना चाहता तो मैं इससे करोड़ों रुपए कमा सकता था। तब कहा जा सकता था कि कविता कोश का व्यवसायिक प्रयोग हुआ। लेकिन मैं या अन्य कोई भी योगदानकर्ता ऐसा नहीं कर रहा है। अब से हम केवल अपने श्रम और समय का उचित वेतन लालित्य इंटरनेशनल के ज़रिए लेंगे। कविता कोश के लिए हम योगदानकर्ताओं की भावना, जुनून और समर्पण का तो ख़ैर कोई मूल्य हो ही नहीं सकता।

अन्य कार्यकर्ताओं की तरह ही मेरे कार्य का वेतन भी बाज़ार-मूल्य से तय होगा। मैं अपने द्वारा पिछले पाँच वर्षों में किए गए कार्य के लिए कोई वेतन नहीं लूंगा –लेकिन आपके लिए 50,000 पन्नों की टाइपिंग करने वाले योगदानकर्ताओं को में से हरेक को उनके द्वारा बनाए गए पन्नों की संख्या के आधार पर पिछला वेतन दिया जाएगा।

मुझे इस बात की भी खुशी है कि मैं लालित्य इंटरनेशनल और कविता कोश से अलग –व्यक्तिगत स्तर पर भी साहित्य एवं भाषा संबंधी दो नए प्रोजेक्ट्स शुरु कर रहा हूँ। इन प्रोजेक्ट्स के बारे में जल्द ही आपको जानकारी दूंगा।

Posted in Uncategorized | 1 Comment

टीम अपडेट

श्रद्धा जैन को कविता कोश टीम में बतौर सचिव शामिल किया गया है। श्रद्धा काफ़ी समय से कविता कोश के साथ जुड़ी रही हैं और स्वयं भी बहुत अच्छी शायरा हैं।

Posted in Uncategorized | 1 Comment

कविता कोश में उपलब्ध पन्नों की गोल्डन जुबली!

...

आज कविता कोश ने एक और बड़ा और परियोजना की प्रगति के लिहाज से बेहद महत्तवपूर्ण मुकाम हांसिल कर लिया है। आज कविता कोश में उपलब्ध पन्नों की संख्या 50,000 के आंकड़े को पार कर गई।

पचास हज़ार पन्नों की हिन्दी वेबसाइट अपने-आप में एक उपलब्धि है। भारतीय काव्य को एक जगह जुटाने के इस महती प्रयास में कई योगदानकर्ताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और एक ऐसा कारनामा कर दिखाया जो शुरुआत में असंभव लगता था। कविता कोश को यहाँ तक लाने में जिन योग्यताओं की ज़रूरत थी –उन योग्यताओं को धारण करने वाले लोग कोश को मिलते चले गए और यही कारण है कि आज कविता कोश को हिन्दी की सर्वोत्तम और सर्वाधिक लोकप्रिय अव्यवसायिक वेबसाइट कहा जा सकता है (हालांकि यह केवल मेरा मत है –इस तरह का कोई सर्वेक्षण नहीं हुआ है जो तथ्यों पर आधारित हो।)

कोश को ऐसे लोग मिले जिनमे नेतृत्व, तकनीक व साहित्य की समझ और संगठनात्मक योग्यताएँ हैं। हालांकि इन सबसे अधिक ज़रूरी चीज़ इस परियोजना के प्रति समर्पण और इसके विकास के प्रति एक जुनून का होना है। एक और चीज़ जो इस परियोजना के पक्ष में रही है वो ये कि कविता कोश की योजना और संगठन में समय के साथ बदलाव आए हैं और ज़रूरत के मुताबिक यह परियोजना अपने-आप को ढालने में सफ़ल रही है।

कोश को यहाँ तक लाने में सर्वश्री अनिल जनविजय, प्रतिष्ठा शर्मा, धर्मेंद्र कुमार सिंह, नीरज दइया, अशोक शुक्ल, द्विजेन्द्र द्विज, आशीष पुरोहित, प्रकाश बादल, श्रद्धा जैन, प्रदीप जिलवाने और हिमांशु के नाम सर्वोपरी हैं। हिन्दी भाषियों को इन सभी समर्पित और जुनूनी योगदानकर्ताओं का अभिनंदन करना चाहिए।

आशा है कि जल्द ही कविता कोश को आर्थिक सहायता मिलने लगेगी। इसके बाद इस परियोजना पर कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उचित आर्थिक मानदेय दिया जाएगा। कुछ लोगों के समर्पण ने एक असंभव को संभव कर दिखाया है –अब यह हिन्दी भाषियों का कर्तव्य बनता है कि वे इन लोगों के कार्य को सराहते हुए उनके कार्य को आगे बढ़ाने में हर संभव सहायता दें।

Posted in Uncategorized | 3 Comments

आज की बात

आज आप कविता कोश के पन्नों पर कुछ बदलाव देख पा रहे होंगे। हालहि में शुरु की गई पन्नों पर टिप्पणी करने की सुविधा को भी अस्थायी तौर पर हटा लिया गया है। कई और चीज़े पन्नों से भी हटा ली गई हैं।

इसका कारण वही पुराना है कि कोश के सर्वर पर बहुत लोड पड़ रहा है। आज भी कोश को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। सर्वर को अपग्रेड करने के लिए धन अभी मेरे पास नहीं है -इसलिए फ़िलहाल मेरी कोशिश यही है कि जैसे भी हो पढ़ने के लिए कविताएँ आपको उपलब्ध करा सकूं। अन्य सुविधाओं के बिना फ़िलहाल काम चलाया जा सकता है।

अभी हम एक शेर्यड सर्वर का प्रयोग कर रहे हैं -जिसका करीब आठ हज़ार रुपए का सालाना खर्च कविता कोश टीम के सदस्य उठाते रहे हैं। अपग्रेड किए गए सर्वर पर करीब पच्चीस हज़ार रुपए सालाना का खर्च होगा। फ़िलहाल मैं इतना धन इस कार्य में नहीं लगा सकता। अगले महीने सर्वर की फ़ीस देनी है -कोशिश करके मैं अपनी जेब से धन लगाकर आठ हज़ार रुपए के शेर्यड सर्वर को बनाए रखूंगा -लेकिन फ़िलहाल मैं अपग्रेड नहीं कर सकता।

कई लोगों ने कविता कोश को आर्थिक मदद देने की पेशकश की है और इसके लिए कविता कोश आभारी है। लेकिन फ़िलहाल मेरे पास ऐसी कोई संस्था नहीं है जिसके ज़रिए कविता कोश यह पेशकश स्वीकार कर सके। इस तरह की संस्था के गठन का काम चल रहा है। हालांकि गति धीमी है क्योंकि मैं अन्य बहुत से कार्यों में व्यस्त हूँ। स्थापित हो जाने के बाद यह संस्था कविता कोश को मिलने वाली आर्थिक सहायता को संभालेगी। तब तक मुझे या टीम के किसी अन्य सदस्य को यह आर्थिक भार अपनी जेब पर ही झेलना होगा।

आशा है कि कम-से-कम no-frills स्थिति में तो कविता कोश आपकी सेवा में बना ही रहेगा। मैं इसके प्रति लगातार सजग हूँ और काम कर रहा हूँ।

यदि कोश से सम्बंधित कोई समस्या आपके समक्ष आए तो आप यहाँ टिप्पणी करके अपनी बात बता सकते हैं।

आप सभी से निवेदन है कि इस ब्लॉग को ईमेल के ज़रिए सब्स्क्राइब कर लें। कविता कोश से सम्बंधित सूचनाएँ आप तक पहुँचाने का मेरे पास यह सर्वोत्तम ज़रिया है। सब्स्क्राइब करने के लिए विक्लप पन्नें के ऊपर दिया गया है।

–ललित कुमार

 

Posted in Uncategorized | 4 Comments

जयपुर समारोह के लिए धन की व्यवस्था

कविता कोश के पाँच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जयंति समारोह 7 अगस्त 2011 को जयपुर में हुआ था। इस समारोह के बाद हुई बातों को ध्यान में रखते हुए समारोह पर हुए खर्च का संक्षिप्त ब्यौरा सार्वजनिक किया जा रहा है। कविता कोश ने अपने सारे बिल ब्याज-सहित चुका दिए हैं। खर्च के लिए:

  • 53% राशि प्रायोजन के ज़रिए आई
  • 27% राशि श्री ललित कुमार ने दी
  • 20% राशि श्री अनिल जनविजय ने दी

श्री प्रेमचंद गांधी ने समारोह के आयोजन की सारी तैयारियाँ की थी। इसके लिए कविता कोश श्री गांधी का भी आभारी है।

Posted in Uncategorized | Leave a comment

कविता कोश में टिप्पणी की सुविधा!

पाठको की शुरु से ही मांग रही है कि कविता कोश में रचनाओं पर टिप्पणी करने की सुविधा होनी चाहिए। अभी तक आप केवल कविता कोश वेबसाइट के बारे में टिप्पणी कर सकते थे।

रचनाओं पर टिप्पणी करने का मसला काफ़ी समय से एक तकनीकी समस्या के कारण अटका हुआ था। आज आखिरकार मैंने इसका समाधान ढूंढकर डिस्कस कमेंटिग सिस्टम को कविता कोश के साथ जोड़ने में सफलता पा ली। अब आप कविता कोश के किसी भी पन्नें पर उस पन्नें से संबंधित टिप्पणी कर पाएंगे! इसके लिए हर पन्नें के ऊपर दाएँ कोने में एक बटन दिया गया है –जिस पर “टिप्पणी” लिखा है।

आशा है कि इस नई सुविधा से कविता कोश पाठकों और रचनाकारों –दोनों के लिए और अधिक उपयोगी बन सकेगा।

—ललित कुमार

Posted in Uncategorized | 1 Comment

कविता कोश ब्लॉग की नई शुरुआत

कविता कोश में हो रही प्रगति व अन्य संबंधित सूचनाओं को आप तक ईमेल के ज़रिए पहुँचाने के उद्देश्य से कविता कोश ब्लॉग को एक अलग वेबसाइट के रूप में स्थापित कर दिया गया है। आप इसी वेबसाइट पर यह संदेश पढ़ रहे हैं!

सूचनाएँ तुरंत पाने के लिए ईमेल के ज़रिए अवश्य सब्सक्रिप्शन लें।

Posted in Uncategorized | 4 Comments

हाल में उभरी तकनीकी समस्याएँ

आपने पिछले एक सप्ताह के दौरान कविता कोश के पन्नों पर कुछ समस्याएँ देखी होंगी; जैसे कि रचनाओं का अचानक गायब हो जाना।

कुछ भी आगे बताने से पहले मैं कविता कोश के प्रयोक्ताओं और योगदानकर्ताओं को मैं आश्वस्त करना चाहता हूँ कि कोश में से कोई भी रचना हटी नहीं है। योगदानकर्ताओं का सारा योगदान भी यथावत संकलित हो रहा है। कविता कोश में अपने कार्य को सुचारू रूप से करते रहें।

अब मैं आपको समस्या के बारे में जानकारी देता हूँ।

इस समस्या के मूल में कविता कोश के सर्वर पर बढ़ रहा बोझ है। एक सप्ताह पहले कविता कोश का सर्वर क्रेश हो गया क्योंकि कोश को काफ़ी बड़ी संख्या में लोग एक साथ प्रयोग कर रहे थे। बहुत कोशिश के बाद मैं कोश को वापस पटरी पर ला पाया।

कविता कोश के रोज़ाना सवा लाख से भी अधिक पन्नें पढ़े जा रहे हैं। फ़िलहाल जिस तरह के सर्वर पर कोश चल रहा है –वह सर्वर इतना बोझ आसानी से नहीं उठा सकता।

अब यदि आप कोश में कोई पन्ना देखते हैं तो हो सकता है कि आपको उस पन्नें का लेटेस्ट वर्ज़न ना दिखे। इसीलिए आपको कुछ रचनाएँ जो पहले दिखती थीं –अब नहीं दिख रहीं है। इसका अर्थ, हालांकि, यह नहीं है कि रचनाएँ मिट गई हैं। सब कुछ जैसा पहले था वैसा ही अब भी है –मैंने केवल सर्वर पर भार कम करने के लिए लेटेस्ट वर्जन पर पाबंदी लगा दी है। फ़िलहाल लेटेस्ट केवल उन प्रयोक्ताओं को दिखेगा जो लॉगिन करेंगे। बिना लॉगिन किए प्रयोक्ताओं को लेटेस्ट वर्जन मिल भी सकता है और नहीं भी।

इस समस्या का समाधान केवल एक ही है; और वो यह कि कविता कोश को एक बेहतर सर्वर पर स्थानांतरित किया जाए –ऐसा सर्वर जो इस वेबसाइट की लोकप्रियता को संभाल सके। इसके लिए धन की आवश्यकता है। फ़िलहाल मेरे पास इतना धन नहीं है कि मैं कोश को नए सर्वर पर स्थानांतरित कर सकूं। इसलिए आपको कुछ समय तक इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

असुविधा के लिए खेद है। Lalit Kumar 18:17, 27 सितम्बर 2011 (UTC)

Posted in Uncategorized | 2 Comments